गुरुवार, 13 सितंबर 2018

वो रोए बहुत.....

विशेष सूचना:-  यह रचना खास हैऔर खास दोस्त को समर्पित है उसके जीवन से कुछ पलों को चुराकर इसको रचा गया है...

वो उसके घर आए इक जमाने के बाद 
वो रोए बहुत आने के बाद.


दिल बेचैन रहा
इक पल न चैन रहा
हर पल इंतजार रहा
वो देखता बार-बार रहा
वो पहुंचे देर से इंतजार के बाद
वो उसके घर आए इक जमाने के बाद
वो रोए बहुत आने के बाद 


दिल शिकवा करते रहे
मिल कर भी न मिलने से मरते रहे
रिश्तो की भीड़ में अकेले डरते रहे
बेबसी में आहें भरते रहे
वो चुप रहे मिलने के बाद
वो उसके घर आए इक जमाने के बाद
वो रोए बहुत आने के बाद


उस को बैठा के अंदर गली में फिरता रहा
जज्बातों का वादल बूंद-बूंद आंखों से गिरता रहा
अकेले बोर न हों औरों को बैठाता रहा
आते जाते साहिबा-साहिबा बुलाता रहा
वो परेशान रहे बहुत मुलाकात के बाद
बो उसके घर आए इक जमाने के बाद
वो रोए बहुत आने के बाद.
                   
                                                        अजनवी

बुधवार, 5 सितंबर 2018

सोचां विच लव्वया......

सोचां विच लव्वया.
ख्यालां विच लव्वया.
असी तेनूं दिल दे
सवालां विच लव्वया.
गुलावां वांगो कतावां
विच सुकणा ही फव्वया.



तन्हाइयां दे उजाड़
विच सानो डर लगदा ए.
तेरे वाजों साडा नहियों सरदा ए.
गमा विच डुवयां असी तेनूं 
महखानेयां दे शरावां विच लव्वया.
सोचां विच ख्यालां विच लव्वया.
असी तेनूं दिल दे सवाला विच लव्वया ...................


तेरिया यादां मेरे
नाल जंग लड़दियां ने.
यारा नाल मौजा
वेरंग लगदियां ने.
दिल नू वहलाण दे लेई असी तेनूं
महफिलां दे शवावां विच लव्वया.
सोचां विच ख्यालां विच लव्वया.
असी तेनूं दिल दे सवालां विच लव्वया ....................


तर न सके डुवणा
साडा नसीव वण गया.
एदां दा शैलाव आया
सब कुज हड़ गया.
जांदी वरी असी तेंनू हजुयां दे
खारे तलावां विच लव्वया.
सोचां विच ख्यालां विच लव्वया.
असी तेनूं दिल दे सवालां विच लव्वया ...................
       
                                                    अजनवी

गुरुवार, 30 अगस्त 2018

वदली वो लै तें रस्ते...

वदली वो लै तें रस्ते-राहा.
मवारक तिजो गैरा दियां वुकलां-वाहां.


वत्ता-संदा संगदी-शर्मादी'
भोले जे दिले जो थी भरमादी.
वसाया वो तिजो असा ओंदे-जांदे साहां.
वदली वो लै तें रस्ते-राहां.
मवारक तिजो गैरा दियां वुकलां-वाहां.



असां दे दिलें नदिया साई वहदिए.
हुण लोकां कने रहदिए.
असां दे पल्लें रही वो गइयां आहां.
वदली वो लै तें रस्ते-राहां.
मवारक तिजो गैरां दियां वुकलां-वाहां.

तोड़ी सटियां ते प्यारा दियां डोरा.
चली गई दूर तू असां लांदे रहे दौड़ा.
असां दी करी वो दिति धूड.-स्वाहा.
वदली वो लै तें रस्ते- राहां.
मवारक तिजो गैरां दियां वुकलां- वाहां.
    
                                                        अजनवी

शुक्रवार, 17 अगस्त 2018

कबूतरां दी जौड़ी

वंगले जे पार वोलदी'
वोलदी कबूतरा दी जौड़ी. 
तुसादीअम्मा जे मिजो वोलदी' 
वोलदी सह कौड़ी-कौड़ी. 

वोतलां ने भरियां घरे दियां कुणियां.
तान्यां मारे मिजो सारी दुनियां.
मैं वोलदी तुसां जो' ......
जरा पीया करा थौड़ी-थौड़ी.
वगले जे पार वोलदी' 
वोलदी कबूतरा दी जौड़ी.
तुसादी अम्मा जे मिजो वोलदी ' 
वोलदी सह कौड़ी-कौड़ी.


बच्चेयां भाल वर्दी न झोला. 
वगैर कतावां पांदे रोला. 
मैं वोलदी तुुसां जो'......
जिम्मेदारी समझा करा थौड़ी-थौड़ी. 
वगलें जे पार वोलदी' 
वोलदी कवूतरां दी जोड़ी.
तुसादी अम्मा जे मिजो वोलदी' 
वोलदी सह कौड़ी-कौड़ी.


पदरे-ग्रा असां ब्याहयो जाणा.
नी कमाणा तुसा ता' क्या मैं लाणा.
मैं वोलदी तुसा जो'......
असादी भी गल मन्ना करा थौड़ी-थौड़ी.
वगलें जे पार वोलदी' 
वोलदी कवूतरां दी जौड़ी.
तुसादी अम्मा जे वोलदी मिजो' 
वोलदी सह कौड़ी-कौड़ी.
     
                                            अजनवी

शनिवार, 28 जुलाई 2018

भेडां चरादा गद्दी...

भेडां चरादा गद्दी'
धारां-धारां जाई वड़ी दूर.
हो उमरां देया मुसाफरा वो
हो मेरेया हाकमा वो घरे ओएयां जरूर.



वैठी वो रिड़ियां दिखां तेरी वाट.
कल्ली करदी मैं हाट-घराट.
हो मना देया मेहरमा वो'
दस्सी जायां मेरा कसूर.
भेडां चरादा गद्दी'
धारां-धारां जाई वड़ी दूर.
हो उमरां देया मुसाफरा वो'
हो मेरेया हाकमा वो घरे ओयां जरूर.




किल्लिया टंगया चोला डोरा.
कुणियां सोठी लकोलें टोपी
हो मेरेया वांकेयां भोरा.
हो दिलां देया जानिया वो'
तेरी आस जियां ऊची खजूर.
भेडां चरादा गद्दी'
धारां-धारां जाई वड़ी दूर.
हो उमरा देया मुसाफरा वो
हो मेरेया हाकमा वो घरे ओएयां जरूर.


लफ्फी-लफ्फी
जांदियां वागां दियां डालियां.
नेड़े-पड़ोसे दियां
नीतां बड़ियां कालियां.
आई जायां वस्सा तू चम्वा-जसूर .
भेडां चरादा गद्दी'
धारा-धारा जाई बड़ी दूर.
हो उमरां देया मुसाफरा वो
हो मेरेया हाकमा वो घरे ओयां जरूर.          

                                                      अजनवी

गुरुवार, 19 जुलाई 2018

घट्टिया चढ़दिए गोरी

घट्टिया चढ़दिए गौरिए' 
ओ वांकिए छौरिए 
पल-भर वइलेंयां-वईलेंयां हो. 
 

इस वो टयाले दी ठण्डी-ठण्डी होआ. 
एथी ते नजारा लगे बड़ा ही सोआ. 
ओ अड़िए दिलां दीयां गलां करी लेयां हो. 
पल-भर वइलेंयां-वइलेंयां हो. 
घट्टिया चढ़दिए गौरिए' ओ वांकिए छौरिए.


पी वो लेंया ठण्डे घड़ोलुए रा पाणी. 
वैठ मिजो कने मैं वांसुरी बजाणी. 
ओ अड़िए ठण्डियां छौआं' वसोइलेयां हो. 
पल-भर वइलेयां-वइलेंयां हो.
घट्टिया चढ़दिए गौरिए' ओ वांकिए छौरिए.


इसा वो वड़ी दे लम्वे-लम्वे हार.
करदी कजो तू सोच-विचार. 
झुट्टे प्यारां दे लेइलेयां हो.
पल-भर वइलेयां-वइलेयां हो.
घट्टिया चढ़दिए गौरिए'ओ वांकिए छौरिए. 
  
                                                        अजनवी

बुधवार, 11 जुलाई 2018

सोणे दियां झड़िया



पारलिया धारां'
घिरियां जे वदलियां. 
ओंदियां किणियां
दियां वौछारा पोदियां. 
सीजी वो गइयां' 
भीजी वो गइयां. 
वाँई पर खड़ियां -खड़ियां. 
सोणे दियां लगियां रिमझिम झड़ियां 




रस्तें-वाटा पाणी; 
हाटा-घराटा पाणी.
उफणदी ब्यास' 
वोलदी आकाशवाणी.
वूदां दी ताल ने बजदा 
तराना सइंयां चल छइयां-छइयां. 
सीजी वो गइयां 
भीजी वो गइयां 
गलुए टयाले खड़ियां-खड़ियां
सोणे दियां लगियां रिमझिम झड़ियां


छो लगदे उचड़े कुआलू 
छतरी लई डंगरेयां चरादे गुआलू
नालुयां कने चलयां पुल वणदे जगाड़ू 
चीफलेयां रस्तेयां चलदे पकड़ी ने वइयां. 
सीजी वो गइयां '
भीजी वो गइयां .
नौणे पर खड़ियां-खड़ियां.
सोणे दियां लगियां रिमझिम झड़ियां. 

                                                       अजनवी