बुधवार, 27 नवंबर 2024
बुधवार, 20 नवंबर 2024
मंगलवार, 19 नवंबर 2024
रविवार, 10 नवंबर 2024
तुम मिल गये
कई सवालों के
जबाब मिल गये
मिले तो तुम
काफी पहले थे वैसे
आज पहले जैसे
तेरे नक्शे-कदम पर चले
तो क्या बुरा किया
लफ़्ज़ों के सच्चे
हमसफ़र मिल गये
मिले तो खुशी के मौके
गम के मंज़र
काफी पहले थे वैसे
आज कलम के माहिर जैसे
रोज कुआं खोद
प्यास बुझाने बालों को
अपनी सोहरती
सूरत से दर्पण मिल गये
मिले तो चीथड़ों से चीर
काफी पहले थे वैसे
आज तुम मखमली लिबास जैसे
चले तो साथ ही थे
सफर में दोनों
तुम्हें कौन और
हमें कैसे मिल गये
मिल तो रास्ते में कई
महानुभाव काफी पहले थे वैसे
आज तुम बुलंदी जैसे
मेरे भावों के पानी में
तेरे जज़्बात मिल गये
मिले तो ख्यालों के पंख
काफी पहले थे वैसे
आज तुम मेरे जैसे
मुझे अजनबी मिल गये
अजनबी
सदस्यता लें
संदेश (Atom)