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मंगलवार, 4 फ़रवरी 2025

मन मनोरम झील...❤️❤️‍🔥

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भावों के आइने
मुझ से मेरी पहचान पूछते हैं ' लोग अकसर मेरा मुकाम पूछते हैं. यारो जिंदगी की अधूरी छवी हूं. मन से कवि वजूद से अजनवी हूं . मुझ से मेरा हाल पूछते हैं ' लोग अकसर सवाल पूछते हैं .
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