गुरुवार, 29 जनवरी 2026

"दो चोटियां की शर्त "


दुनियावी किर्तिमान 
शोहरतों के सामान 
भूल के आना।
उँगलियों में फँसाए एक पेन,
दो किताबें हाथ में लेकर आना—
अबकी बार आना तो
दो चोटियाँ लहराते आना।

सितारों जड़ी चुनरी,
खनकती चूड़ियाँ
साथ मत लाना।
एहसास का नीला दुपट्टा,
सूच्चे प्रेम सा उजला लिवास
पहन के आना।
अबकी बार आना तो
दो चोटियाँ लहराते आना

मांग का सिंदूर 
माथे की बिंदिया 
सजा के न लाना।
रात-रंगी कजरारी आँखें,
हल्के गुलाबी रंगे होंठ,
मिट्टी-रंगी अपनी मिट्टी लाना—
अबकी बार आना तो
दो चोटियाँ लहराते आना। 

                                     अजनवी 

बुधवार, 21 जनवरी 2026

"जहां देखें तुम्हें देखें "

जहां देखें तुम्हें देखें 
तुम्हें देखें या 
ये जहां देखें 
तू ही बता 
हम क्या देखें?
कश्मीर देखें,
या तेरा लिबास देखें।
तुझे अपने करीब 
या खुद को 
तेरे पास देखें।
तुझे बाहों में 
या तेरी वुक्कल में
खुद को देखें, 
कश्मीर देखें 
या तेरा लिबास देखें 
जहां देखें तुम्हें देखें 
तुम्हें देखें या 
ये जहां देखें 
तू ही बता 
हम क्या देखें ?

नथनी की 
शोहरत देखें,
या सूरत की सादगी देखें।
होंठों की कलियाँ,
या आँखों की मादगी देखें।
लेखनी सुस्ता रही कहीं—
मेरे लफ़्ज़ों की आवारगी देखें। 
नथनी की शोहरत देखें 
या सूरत की सादगी देखें 
जहां देखें तुम्हें देखें 
तुम्हें देखें 
या ये जहां देखें 
तू ही बता,
हम क्या देखें?