वो सलोटों का घर
वो हरे खेत खलिहान दरिया
वो तेरा होना मरहम
वो मचान मकई बरसातें
वो मुस्कान तेरी बातें
वो लटों का पानी सावन
वो गठरी घास राह में तेरे कदम
वो सर्दी दुपहरी
वो खुली तेरी जुल्फें
वो दरिया की हवा ठंडी
वो इंतज़ार करना तेरा**
अजनबी
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