सोमवार, 9 जून 2025

"तेरी यादों के साये....."

गर्म हवाओं में, तेरी यादों के साये 
जून की दोपहरी में मुझ से मिलने आएं 🎶
गर्म हवाओं में, तेरी यादों के साये 
जून की दोपहरी में मुझ से मिलने आएं 🎶

तपती राहों में  
तेरे एहसास की ठंडक मिलती है,
लम्हा लम्हा तेरी याद में  
जिंदगी कुछ तो हसीन लगती है।
तपती राहों में  
तेरे एहसास की ठंडक मिलती है,  
लम्हा लम्हा तेरी याद में  
जिंदगी कुछ तो हसीन लगती है।
तेरी मुस्कराहटों में 
ये जहां इक सपना लगे.. 
तेरी यादों से 
दिल को ठिकाना लगे।  
तेरी छांव में 
हर मौसम सुहाना लगे,  
गर्मी की दोपहर भी 
अब प्यारी लगे,  
तेरी यादों के साए में 
ये धूप भी न्यारी लगे। 🌸

इस मौसम को तुम्हें ही 
मानों जान लिया है 
तेरी ही छांव में हैं 
तेरा ही साया इसे मान लिया है
इस मौसम को तुम्हें ही 
मानों जान लिया है 
तेरी ही छांव में हैं 
तेरा ही साया इसे मान लिया है  
धूप सुहानी हर आलम दिवाना लगे 
तेरी यादों से 
दिल को ठिकाना लगे 
तेरी छांव में 
हर मौसम सुहाना लगे  
गर्मी की दोपहर भी 
अब प्यारी लगे,  
तेरी यादों के साए में 
ये धूप भी न्यारी लगे। 

जब थक जाए दिल इन राहों में,  
तेरी मुस्कान जैसे बारिश की बूंद।  
हर दर्द को छूकर गुजर जाती है,  
तेरी यादें बन जाएं मीठा सा सुकून।
जब थक जाए दिल इन राहों में,  
तेरी मुस्कान जैसे बारिश की बूंद।  
हर दर्द को छूकर गुजर जाती है,  
तेरी यादें बन जाएं मीठा सा सुकून।


तेरी यादों से 
दिल को ठिकाना लगे 
तेरी छांव में 
हर मौसम सुहाना लगे  
गर्मी की दोपहर भी 
अब प्यारी लगे,  
तेरी यादों के साए में 
ये धूप भी न्यारी लगे।  

कोई टिप्पणी नहीं: