जिन्हां शिमले पजाई रेल धूरी.
अपणी ता सरकार '
रही सदा बजट अधूरी.
सैकड़ा सुरंगां वणाई पहाड़ा.
जाई शिमले वसाए शैर-बजारा.
किती हिमाचले री मशहूरी.
धन वो सराइए फिरगियां दी जुगत
जिन्हा शिमले पजाई रेल धूरी.
अपणी ता सरकार'
रही सदा बजट अधूरी.
अजनवी
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