गुरुवार, 14 जून 2018

अज मेरा जी करदा.....


 अज मेरा जी करदा 
मैं जाई पहाड़ा वस्सा.
बैठी दोस्तां ने खिड़ खिड़ हस्सा.

ब्यासा वन्ने वंगलो वो मेरा
वांसुरिया दी मीठी धुन वो छेड़ा.
पारे-पारे मोर नच्चे
उयारे-उयारे मैं वो वज्जा. 
अज मेरा जी करदा
मैं जाई पहाड़ा वस्सा.
बैठी दोस्तां ने खिड़-खिड़ हस्सा.    


खण्डा-वनखंडा लंगदी ट्रेनां.
दिख्खी मैं वो मचलां .
निक्यां-निक्यां खेतरा
हरियां भरियां फसलां.       
मोड़ा आलया रोड़ा 
दौड़दियां वस्सा. 
अज मेरा जी करदा
 मैं जाई पहाड़ा वस्सा. 
बैठी दोस्तां ने खिड़-खिड़ हस्सा.            


पहाड़ लगे मिजो बड़ा सौआं 
धुप ता कदी वदला दी छौआं .
किणियां दी छमकारा 
करदियां बर्फिलियां धारा.   
हिमालय पर मैं 
धुरुए संग नच्चां . 
अज मेरा जी करदा 
मैं पहाड़ा वस्सा. 
बैठी दोस्तां ने खिड़-खिड़ हस्सा.                                                                                 .                                                       अजनवी