सोमवार, 26 अगस्त 2024

धड़कनों में बसती है

उपकरण को हिदायत 
अवरोधक विकल्प का समाहन 
जुदा नहीं कर पाएगा 
तू यहां .......
तू यहां दिल में हंसती हैं 
फेसबुक मैसेंजर तो 
हाल फिलहाल की बातें  
सदियों से तू यहां..... 
तू यहां धड़कनों में बसती है 

कठोर है तू बाहर से 
नारियल पानी भरी गरी है 
इश्क है तुमसे 
तुम्हारे गुस्से से इश्क है 
लख ज़लालतें दे मुझे
मेरे लिए तू खरी है 

उम्र का तकाजा नहीं 
यहां फासले भी 
मायने नहीं रखते 
दूर ढलती शाम 
मनमोहक लगती है 
चालीस से ऊपर होगी 
सब के लिए 
मेरे लिए तू सोलह की 
सम्मोहक लगती है  

                                               अजनबी 

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