सोमवार, 3 मार्च 2025

मेरे घर आंगन बसंत आया.....

देखो वो कोंपलों 
लदी टहनियां....... 🌿☘️🍀🌾
मानों प्रकृति ने 
नन्हें-नन्हें फूलों 
से बाग़ अपना 
अनंत सजाया 
मेरे घर आंगन वसंत आया 
🥀🌹🌼🌻🏵️🌸🌺🌷
देखो वो
हंसता सूरज....... ☀️🌤️⛅🌥️☀️🌤️
मानो अलौकिक 
किरणों की 
गर्माहट लेकर 
नील गगन से 
कोई तंत आया 
मेरे घर आंगन बसंत आया
🍀☘️🌷🌺🌹🥀🌼🌸
देखो वो 
सफेद फूल....... 🌸🌻🌼🏵️🌸🏵️🌻🌼
मानों ईश्वरीय
मुस्कान लेकर 
कोई संत आया 
मेरे घर आंगन बसंत आया 
🏵️🌸🌻🌹🌺🌷🌿🌾

                                                                   ✍️...अजनबी